आहड़ सभ्यता का परिचय | ||
अन्य नाम | ताम्रवती नगरी , धूलकोट | |
नदी | आहड़ नदी ( बेड़च) | |
उत्खनन | सर्वप्रथम - अक्षयकीर्ति व्यास (1953), रतन चंद्र अग्रवाल (1956) एच.डी. साकलिया (1961-62) | |
सभ्यता स्थल | उदयपुर शहर के निकट | |
काल-क्रम | आज से लगभग 4000 वर्ष पुरानी | |
युग | प्रस्तर धातु युगीन सभ्यता | |
मृदभांड | लाल एवं काले रंग के |
आहड़ सभ्यता सामान्य जानकारी
आहड़ सभ्यता उदयपुर के निकट आहड़ (बेड़च नदी) के तट पर स्थित है। यह आज लगभग 4 हजार वर्ष पुरानी सभ्यता है। जिसमें प्रस्तर धातु युगीन सभ्यता के अवशेष प्राप्त हुए हैं। इस सभ्यता का प्राचीन नाम ताम्रवती नगरी था तथा इसे 10वीं 11वीं शताब्दी में आहटपुर या आघाट दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है, इसे धूलकोट भी कहा जाता है।
आहड़ सभ्यता का उत्खनन
• 1953 - अक्षय कीर्ति व्यास
• 1956 - रतन चंद्र अग्रवाल
• 1961-62 - एच.डी. सांकलिया
उत्खनन के आधार पर आहड़ सभ्यता के तीन चरण
[१] स्फुटिक पत्रों का प्रयोग अधिक मात्रा में।
[२] तांबा कांसा और लोहे का प्रयोग अधिकता।
[३] मृदभांड से संबंधित सामग्री की बहुतायत।
आहड़ सभ्यता का सामाजिक स्थिति
◆ इस सभ्यता में घरों के मकानों की नींव पत्थर की डाली जाती थी , जबकि घरों की दीवारें मिट्टी या मिट्टी की ईंटों से बनी होती थी। मकान आयताकार होते थे।
◆ घरों के मकानों की छत घास - फूस और लकड़ी की सहायता से हल्के वजन की बनाई जाती थी जिसके दोनों और ढलान होती थी।
◆ आहड़ सभ्यता में एक मकान में 6 चूल्हे मिली है जो संयुक्त परिवार या सामूहिक भोजन व्यवस्था की ओर इशारा करते हैं।
◆ यहां के लोग शव को आभूषण सहित जमीन में गाड़ देते थे , जिसका सिर उत्तर में तथा पैर दक्षिण में रखते थे।
आहड़ सभ्यता में कृषि
● आहड़ सभ्यता के लोग कृषि और पशुपालन का कार्य करते थे।
● यहां खाद्यान्न के रूप में गेहूं , चावल , ज्वार का प्रयोग किया जाता था ।
आहड़ सभ्यता के मृदभांड
◆ यहां पर लाल, काले और भूरे रंग के मिट्टी के मृदभांडो चमकदार पालिश की जाती थी।
◆ काले व लाल रंग के मृदभांड का सर्वाधिक प्रयोग।
आहड़ सभ्यता से प्राप्त सामग्री
• यूनानी तांबे की छ: मुद्राएं - मुद्रा पर त्रिशूल हुआ अपोलो देवता अंकित ।
• लाल, काले व भूरे चित्रित मृदभांड।
• दो या तीन मुंह वाले चूल्हे
• बैल की मृण्मूर्ति
• रंगाई छपाई व्यवसाय के ठप्पे
• तांबे की कुल्हाड़ी
• पत्थर व मिट्टी के मनके
• चूल्हे व अनाज पीसने के पत्थर
• शंख व पक्की मिट्टी की चूड़ियां
• तांबे निर्मित विभिन्न सामग्रियां
आहड़ सभ्यता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
[1] आहड़ सभ्यता की दो प्रमुख विशेषता बताइए ?
► काले व लाल रंग के मृदभांड का प्रयोग
► आहड़ के निवासी ताम्रकर्मी थे ।
[2] आहड़ सभ्यता सर्वप्रथम उत्खनन कार्य किसने करवाया था ?
► 1953 - अक्षय कीर्ति व्यास ने।
[3] आहड़ सभ्यता कहां स्थित है ?
► आहड़ सभ्यता उदयपुर के निकट बैड़च नदी के तट पर स्थित है।
[4] आहड़ सभ्यता प्राचीन नाम क्या है ?
► ताम्रवती नगरी
[5] आहड़ सभ्यता उत्खनन कार्य किसने करवाया था ?
► आहड़ सभ्यता का उत्खनन कार्य सर्वप्रथम 1953 में अक्षय कीर्ति व्यास इनके बाद में 1956 में रतन चंद्र अग्रवाल तथा1961-62 में एच.डी. सांकलिया ने करवाया था।
[6] आहड़ सभ्यता का कालक्रम व युग बताइए ?
► आहड़ सभ्यता आज से लगभग 4000 वर्ष पुरानी है जो प्रस्तर धातु युगीन सभ्यता या ताम्र युगीन सभ्यता कहलाती है।
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