गणेश्वर सभ्यता की सामान्य परिचय | ||
युग | ताम्र युगीन सभ्यता | |
नदी | कातली नदी के तट पर | |
काल क्रम | 2800 ईसा पूर्व | |
स्थित | नीम का थाना , सीकर | |
उत्खनन | रतन चंद्र अग्रवाल , 1977 | |
अन्य विशेष | भारत की ताम्र सभ्यताओं की जननी | |
मृदभांड | कृपषवर्णी मृद्पात्र |
गणेश्वर सभ्यता
◆ नीम का थाना सीकर जिले में कातली नदी के तट पर स्थित है।
◆ गणेश्वर ताम्रयुगीन संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थल है।
◆ रमेश चंद्र अग्रवाल के निर्देशन में यहां पर 1977 में उत्खनन कार्य करवाया गया था।
◆ डी.पी अग्रवाल ने इसकी समयावधि कार्बन डेटिंग पद्धति व तुलनात्मक अध्ययन के द्वारा 2800 ई. पूर्व मानी है।
◆ यहां से प्राप्त तांबे के उपकरणों व पात्रों में 99% तांबा है जो इस क्षेत्र में तांबे की प्रचुर प्राप्ति का प्रमाण है।
◆ गणेश्वर भारत की ताम्र सभ्यताओं की जननी माना जाता है।
मिट्टी के बर्तन
गणेश्वर में मिट्टी के दो प्रकार के बर्तन मिले हैं -
(१) हड़प्पा पूर्व संस्कृति के हल्के लाल रंग के पतले बर्तन
(२) लाल चिकनी मिट्टी विशेष चित्रकारी वाले मजबूत बर्तन
● गणेश्वर सभ्यता से जो मिट्टी के बर्तन प्राप्त हुए हैं उन्हें कृपषवर्णी मृदपात्र कहते हैं , यह बर्तन काले व नीले रंग से सजाए हुए हैं।
गणेश्वर से प्राप्त सामग्री
• गणेश्वर में प्रचुर मात्रा में ताम्र आयुध व उपकरण मिले हैं।
• ताम्र उपकरणों मेंं बाण , मछली पकड़ने के काटे , छैनिया , उस्तरे के फलक , अंगुठी आदि।
• भाले , तीर , सूईयां , चूड़ियां भी प्राप्त हुए हैं।
• यहां से दोहरी पेंचदार शिरावाली ताम्र पिनो को पश्चिम तथा मध्य एशिया में निर्यात किया जाता था।
• यहां से तांबा मोहनजोदड़ो व हड़प्पा भेजा जाता था।
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गणेश्वर सभ्यता के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
[1] गणेश्वर सभ्यता कहां स्थित है ?
► गणेश्वर सभ्यता नीम का थाना सीकर जिले में स्थित है।
[2] गणेश्वर सभ्यता किस नदी के किनारे पर स्थित है ?
► गणेश्वर सभ्यता कातली नदी के तट पर स्थित है।
[ 3] गणेश्वर सभ्यता का उत्खनन का कार्य सर्वप्रथम किसने करवाया था ?
►गणेश्वर सभ्यता का उत्खनन रतन चंद्र अग्रवाल ने 1977 में करवाया।
[4] भारत की ताम्र सभ्यताओं की जननी किस सभ्यता को कहा जाता है ?
► गणेश्वर सभ्यता को।
[5] कृपषवर्णी मृदपात्र किस सभ्यता से प्राप्त हुए हैं ?
► गणेश्वर सभ्यता से।

