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टाइगर प्रोजेक्ट - आजादी के बाद से ही भारत में बाघों के अवैध शिकार के कारण इनकी संख्या में निरंतर गिरावट आती गई ।
• भारत में पहली बार जनगणना सन् 1972 में करवाई गई थी ।
• टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत 01 अप्रैल 1973 में केंद्रीय पर्यावरण , वन और जलवायु मंत्रालय की गई ।
• टाइगर प्रोजेक्ट ( बाघ परियोजना ) 100% प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित थी ।
• राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के द्वारा भारत में प्रत्येक 4 वर्ष में बाघों की जनगणना की जाती है ।
• सरकार ने सन् 1973 में बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया ।
• टाइगर मैन ऑफ इंडिया -
डॉ.कैलाश सांखला , जोधपुर , राजस्थान के । टाइगर प्रोजेक्ट की पहली निदेशक ।
• भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व - नागार्जुन सागर टाइगर रिजर्व , आंध्र प्रदेश
• भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा टाइगर रिजर्व - पेंच टाइगर रिजर्व, मध्य प्रदेश ।
• भारत की पहली बाघ परियोजना - जिम कार्बेट उत्तराखंड में आरंभ की गई थी ।
विश्व बाघ दिवस -
विश्व बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसे सन् 2010 से सेंट पीटर्सबर्ग बाघ शिखर सम्मेलन से मनाया प्रारम्भ किया था।
• भारत में मध्यप्रदेश को टाइगर राज्य के रूप में जाना जाता है।
राजस्थान में बाघ संरक्षण परियोजना ( टाइगर प्रोजेक्ट)
• राजस्थान में अभी तक चार बाघ परियोजना है जो निम्न प्रकार से है -
1. रणथंभौर टाइगर प्रोजेक्ट - 1974
2. सरिस्का बाघ परियोजना - 1979
3. मुकन्दरा हिल्स टाइगर प्रोजेक्ट - 2013
4. रामगढ़ विषधारी टाइगर प्रोजेक्ट - 2022
• राजस्थान में टाइगर प्रोजेक्ट 1974 में प्रारंभ किया गया था।
1. रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान
• यह सवाई माधोपुर जिले में स्थित है।
• इसे 1955 में वन्य जीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था ।
• 1973 में रणथंभौर को टाइगर रिजर्व घोषित किया।
• राजस्थान की पहली बाघ परियोजना ।
• देश मे बाघों का घर कहा जाता है ।
• 1नवम्बर 1980 में राष्ट्रीय उद्यान दर्जा ।
• राजस्थान का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान जो 1,334 वर्ग किलोमीटर में विस्तारित हैं तथा राजस्थान प्रथम राष्ट्रीय उद्यान है ।
2. सरिस्का वन्य जीव अभ्यारण
• यह अलवर जिले में स्थित है।
• इसे 1955 में वन्य जीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था ।
• 1979 में सरिस्का को टाइगर रिजर्व घोषित किया।
• राजस्थान की दूसरा टाइगर प्रोजेक्ट ।
• 1990 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया था।
• क्षेत्रफल - 881 वर्ग किलोमीटर
• इस अभ्यारण में बाघ के अलावा तेंदुए, नीलगाय, सांभर, चीतल आदि भी पाये जातें हैं ।
3. मुकन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व
• राजस्थान की तीसरा टाइगर प्रोजेक्ट 10 अप्रैल 2010 को घोषित।
• विस्तार - कोटा, बूंदी, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ में , 759 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र विस्तारित, इसमें 417 वर्ग km का एक मुख्य क्षेत्र एवम् 342 वर्ग km का एक बफर जोन है।
• मुकन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व चार नदियों चंबल, आहू , रमज़ान और काली से घिरा हुआ ।
4. रामगढ़ विषधारी अभ्यारण/टाइगर प्रोजेक्ट
• यह बूंदी जिले में स्थित है ।
• यह लगभग 1071 वर्ग किलोमीटर फैला हुआ है ।
•16 मई 2022 को राजस्थान के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को देश का 52वाँ टाइगर रिजर्व घोषित किया।
• यह राजस्थान का चौथा टाइगर रिजर्व क्षेत्र होगा ।
• यह में रणथंभौर टाइगर रिजर्व (सवाई माधोपुर) को मुकन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व से जोड़ेगा ।
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