राजस्थान की स्थिति के बारे में दो प्रकार से पढ़ते हैं जो निम्न प्रकार है -
1. अक्षांशीय स्थिति
2. देशांतरीय स्थिति
1. विश्व में राजस्थान की स्थिति - उत्तर पूर्व ( ईशान कोण )
• अक्षांशीय दृष्टि से राजस्थान की स्थिति - उत्तरी गोलार्द्ध ।
• देशांतरीय दृष्टि से राजस्थान की स्थिति - पूर्वी गोलार्द्ध ।
2. एशिया महाद्वीप में राजस्थान की स्थिति - दक्षिण पूर्व ( नैऋष कोण )
3. भारत में राजस्थान की स्थिति - उत्तर पश्चिम ( वायवीय कोण )
राजस्थान का अक्षांशीय विस्तार
| उत्तरी बिंदु | दक्षिणी बिंदु | |
|---|---|---|
| अक्षांश | 23°3' उत्तरी अक्षांश | 30°12' उत्तरी अक्षांश |
| स्थान | बोरकुंड | कोणा |
| जिला | बांसवाड़ा | गंगानगर |
| कुल अक्षांश | 7°9' | कुल दूरी = 826Km |
राजस्थान का देशांतरीय विस्तार
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| राजस्थान का देशांतरीय विस्तार |
| पश्चिमी बिंदु | पूर्वी बिंदु | |
|---|---|---|
| देशांतर | 69°30'पूर्वी देशांतर | 78°17'पूर्वी देशांतर |
| स्थान | कटरा | सिलाना |
| जिला | जैसलमेर | धौलपुर |
| कुल देशांतर | 8°47 | |
| पश्चिम से पूर्व कुल दूरी | 869Km |
कर्क सक्रांति - यह 21 जून को होती है ।
• सूर्य का कर्क रेखा पर सीधा चमकना ।
• राजस्थान में सबसे बड़ा दिन , सबसे छोटी रात , सबसे छोटा ही परछाई बनेगी ।
मकर सक्रांति - यह 22 दिसंबर होती है।
• सूर्य का मकर रेखा पर सीधा चमकना ।
• सबसे छोटा दिन ।
• राजस्थान में सूर्योदय व सूर्यास्त सबसे पहले सिलाना, धौलपुर में तथा सबसे अंत में कटरा , जैसलमेर में होता है ।
• दिन में सूर्य सर्वाधिक सीधा / लंबवत जोधपुर में चमकता है इस कारण से जोधपुर में सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावना सर्वाधिक है
• राजस्थान में सूर्य के सीधेपन वाले जिलों का सही युग्म = बांसवाड़ा > डूंगरपुर > प्रतापगढ़ > झालावाड़ > उदयपुर ।
• राजस्थान में सूर्य के तिरछापन वाले जिलों का सही युग्म = गंगानगर > हनुमानगढ़ > चूरू > बीकानेर > नागौर ।
नोट -
• राजस्थान में दक्षिण से उत्तर जाने पर सूर्य के सीधेपन में कमी होती है ।
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