राजस्थान के प्रमुख हस्तकला । sk notes hub

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राजस्थान की प्रमुख हस्तकला के नोट्स

   थेवा कला   

• थेवा कला से तात्पर्य कांच पर सोने की नक्काशी करके आभूषण बनाए जाते हैं । 
• थेवा कला राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की प्रसिद्ध है ।
• यह 500 वर्ष पुरानी हस्तकला है जो प्रतापगढ़ की  सोनी परिवार द्वारा की जाती है ‌।
• इससे राजस्थान का भौगोलिक चिन्ह ( जीआई टैग)  भी प्रदान किया गया है । 
• इस पर ₹5 का डाक टिकट भी जारी हो चुका है ।
• इस कला को इतना गुप्त रखा जाता है कि सोनी परिवार की लड़कियों को भी इसे नहीं सिखाया जाता है ।
• इस कला से जुड़े प्रसिद्ध नाम महेश सोनी , राम प्रकाश सोनी , जगदीश सोनी,  बेनी राम आदि है ।
• इनसाइक्लोपीडिया ऑफ ब्रिटेनिया में शामिल ।

 ब्लू पॉटरी - जयपुर

•  ब्लू पॉटरी से तात्पर्य बर्तनों पर चित्रकारी से हैं ।
• यह मूल रूप से चीन एवं फारस की है ।
• यह कला भारत मुगल काल में आई थी ।
• राजस्थान में इसकी शुरुआत महाराजा रामसिंह  ( 1835-1880)  में हुई थी । 
• ब्लू पॉटरी के लिए पदम श्री अवार्ड से कृपाल सिंह शेखावत को नवाजा गया था ।
• अन्य प्रसिद्ध कलाकार नाम - नाथी बाई । 

 उस्ता कला -  बीकानेर 

• उस्ता कला से तात्पर्य ऊंट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी ‌‌।
• पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित स्वर्गीय हिसामुद्दीन उस्ता का इस कला के योगदान में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है ‌। 
• इस कला को प्रोत्साहन देने के लिए कैमल हाइड ट्रेनिंग सेंटर बीकानेर में खोला गया है । 

  मीनाकारी - जयपुर  

• आभूषणों पर मीनाकारी
• यह मानसिंह के समय लाहौर से राजस्थान में लाई गई थी ।
• मीनाकारी में पदम श्री पुरस्कार कुदरत सिंह को दिया गया है ।

    अन्य  प्रसिद्ध हस्तकला  


 •  बंधेज -  जयपुर    

• इसको टाई और डाई के नाम से भी जाना जाता है।
• अपने मनपसंद रंगों की डिजाइन को कपड़ों पर रंगना।

दाबू प्रिंट - अकोला , चित्तौड़गढ़
मोम दाबू - सवाई माधोपुर
मिट्टी दाबू - बालोतरा, बाड़मेर 

बादले  - यह जंग से निर्मित होते हैं तथा कपड़े या चमड़े की पर चढ़ाई जाती है । यह पानी को रखने के लिए बहुत बड़े पात्र होते हैं ,जिसमें पानी ठंडा रहता है । यह जोधपुर के मेहरानगढ़ दुर्ग में इनको देखा जा सकता है ।


पिछवाईया - नाथद्वारा ,राजसमंद ।
पोकरण पॉटरी - जैसलमेर
तलवार - सिरोही ।
नमदे - टोंक ।
कठपुतली -  जयपुर ।
ब्लैक पॉटरी - कोटा ।
बगरू प्रिंट - जयपुर ।
मिट्टी के खिलौने व मूर्तियां - मोलेला, राजसमंद ।
अजरक प्रिंट -  बाड़मेर ।
मलीर प्रिंट - बाड़मेर ।
फड़ पेंटिंग - शाहपुरा , भीलवाड़ा । 
काष्ठ कला - बस्सी , चितौड़गढ़ ।
भूजिया व रसगुल्ला - बीकानेर । 

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