राजस्थान के प्रतीक चिन्ह ।राजस्थान के सभी जिलों के शुभंकर । Sk Notes Hub

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राजस्थान राज्य के प्रतीक चिन्ह

राज्य वृक्ष - खेेजड़़ी ।
राज्य पुष्प - रोहिड़ा ।
राज्य पशु - चिंकारा , (वन्यजीव श्रेणी)
राज्य पशु - ऊंट (पशुधन श्रेणी)
राज्य पक्षी - गोडावण ।
राज्य नृत्य - घूमर । 
राज्य गीत - केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश।
राज्य खेल - बास्केटबॉल ।
राज्य मिठाई -  घेवर ।
राजकीय भाषा - हिंदी । 
राज्य वाद्य यंत्र - अलगोजा ।
राज्य कवि - सूर्यमल्ल मिसन ।
राजकीय शास्त्रीय नृत्य - कत्थक ।

राजस्थान का राज्य वृक्ष - खेजड़ी

वैज्ञानिक नाम -  प्रोसोपिस सिनेरेरिया ।
खेजड़ी को राजस्थान का कल्प वृक्ष, राजस्थान का गौरव, राजस्थान का कल्पतरु, थार का कल्पवृक्ष भी कहते हैं ।
खेजड़ली ( जोधपुर ) - अमृतादेवी के द्वारा सन् 1730 में भाद्रपद शुक्ल दशमी को खेजड़ली गाँव 363 लोगों के साथ वृक्षों की रक्षा की हेतु अपने प्राण न्यौछावर कर दिए । इस घटना के समय जोधपुर के शासक अभय सिंह थे। अतः प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल दशमी को खेजड़ली गांव में विश्व का एकमात्र वृक्ष मेला भरता है।
प्रत्येक वर्ष 12 सितम्बर खेजड़ली दिवस मनाया जाता है। आरम्भ - 1978 से । 
खेजड़ी को 1983 में राज्य वृक्ष घोषित किया गया था
खेजड़ी को स्थानीय भाषा में नाम - 
• सीमलो । 
• पंजाबी व हरियाणवी भाषा में जान्टी ।
• सिंधी भाषा में छोकड़ो।
• बिश्नोई समाज में शमी ।
• विजयदशमी (दशहरे) पर खेजड़ी वृक्ष की पूजा होती  है। गोगाजी व झुंझार बाबा के मंदिर खेजड़ी वृक्ष के नीचे बने होते हैं।
ऑपरेशन खेजड़ा की शुरुआत 1991मे की गई थी ।


• राजस्थान का राज्य पक्षी - गोडावण 

वैज्ञानिक नाम - क्रोरियोटिस - नाइग्रीसेप्स ।
• सन् 1981 में राज्य पक्षी के घोषित किया गया था।
गोडावण के अन्य नाम -
शर्मिला पक्षी
• ग्रेट इंडियन बस्टर्ड 
• पाल- मोरडी
• सौन-चिडिया
• सारंग, कुकना, तुकदर, बडा तिलोर ।
• हाडौती क्षेत्र में इसे माल गोरडी भी कहा जाता है।
गोडावण पक्षी राजस्थान में निम्न स्थानों में सर्वाधिक देखा जा सकता है
• मरूउधान - जैसलमेर, बाड़मेर ।
• सोरसन - बांरा ।
• सोकंलिया - अजमेर ।
• गोडावण को राजस्थान के अलावा गुजरात में भी देखा जा सकता है ।
• जोधपुर, जैसलमेर और सोरसन (बारां) में गोडावण प्रजनन केंद्र हैं।
• राजस्थान सरकार ने विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून  2013 पर "प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड" की शुरुआत किया था।
• IUCN द्वारा रेड डाटा लिस्ट में संकटग्रस्त प्रजातियों में शामिल हैं तथा इसका संरक्षण आवश्यक है।

राजस्थान का राज्य पशु "वन्यजीव श्रेणी" - चिंकारा 

• वैज्ञानिक नाम - गजेला गजेला ।
• चिंकारा को 1981 में राज्य पशु घोषित किया गया था ।
• जयपुर का नाहरगढ़ अभ्यारण्य चिंकारा के लिए प्रसिद्ध है।
• चिंकारा को छोटा हिरण भी कहते है । 
• यह राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल भाग में सामान्य अधिक पाया जाता है ।

राजस्थान का राज्य पशु "पशुधन श्रेणी " - ऊंट 

वैज्ञानिक नाम  - कैमेलस ड्रेमेटेरियस ।
• इसको 30 जून 2014 को राज्य पशु घोषित किया किया गया था ।
• ऊंट को " रेगिस्तान का जहाज " भी कहते हैं ।
रेबारी जाति - राजस्थान में ऊँट पालने के लिए प्रसिद्ध ।
ऊंटों का देवता - लोकदेवता पाबूजी ।
उस्ता कला - ऊँट की खाल पर की जाने वाली कलाकारी ।
गोरबंद - राजस्थान का ऊँट श्रृंगार का गीत ।
उरमूल ,बीकानेर - ऊंटनी के दूध की भारत की एकमात्र डेयरी ।
गिरबाण - ऊंट की नाक में डाला जाने वाला लकड़ी का आभूषण ।

राजस्थान का राज्य पुष्प - रोहिड़ा का फूल

• वैज्ञानिक नाम - टीकोमेला अंडुलेटा ।
• रोहिड़ा का फूल को 1983 में राज्य पुष्प घोषित किया गया था ।
उपनाम  - मरूस्थल का सागवान, मारवाड़ टीक ।
• रोहिड़ा को पश्चिम मरुस्थल प्रदेश में सामान्यतः देखा जा सकता है ।
• रोहिड़ा को राजस्थान की मरुशोभा कहा जाता है।

राजस्थान का राज्य नृत्य -  घूमर 

• घूमर नृत्य केवल स्त्रियों द्वारा किया जाता है।
•  घूमर को नृत्यों का सिरमौर , राजस्थान की आत्मा कहा जाता है।
• घूमर के विभिन्न रूप पाये जाये है - 
1. झूमरिया - बालिकाओं द्वारा किये जाने वाला नृत्य ।
2. लूर - गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है |

राजस्थान का राज्य गीत - केसरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश... ।

• इस गीत को मांड गायिकी में गाया जाता है।
मांगी बाई  - उदयपुर की मांगी बाई ने इस गीत को सर्वप्रथम गाया था ।
जिल्ला बाई - इस गीत को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बीकानेर की जिल्ला बाई ने पहचान दिलाई ।
• यह लोकगीत ढोला-मारू की प्रेम कहानी से जुड़ा है।
अल्ला जिल्ला बाई -  राजस्थान की मरूकोकिला और बाई जी के नाम से भी जाना जाता है।

राजस्थान का राज्य खेल - बास्केटबॉल

इसमें एक टीम में 5 खिलाड़ी होते हैं ।
• बास्केटबाल को 1948 में राज्य खेल घोषित किया गया।



राजस्थान के सभी जिलों के शुभंकर


1) जयपुर - चीतल

2) जैसलमेर - गोडावण 

3) झालावाड़ - गागरोन तोता

 4) करौली - घड़ियाल 

5) कोटा -  ऊदबिलाव 

6)नागौर-  राजहंस

 7) सीकर - शाहिन

 8) जोधपुर - कुरजा 

9) झुंझुनूं - काला तीतर

10) सिरोही - जंगली मुर्गी 

11) टोक -  हंस

12) प्रतापगढ़ - उड़न गिलहरी 

13) राजसमंद - भेड़िया

 14) उदयपुर - कब्र विज्जू 

15) पाली -  तेंदुआ 

16) श्रीगंगानगर - चिऺकारा

17)  सवाई माधोपुर -  बाघ

18) चित्तौड़गढ़ - चौसिंगा

 19) चुरू - काला हिरण

20) दौसा - खरगोश 

21) धौलपुर - पचीरा

22) हनुमानगढ़ - छोटा किलकिला

23)  डूंगरपुर - जांघिल

 24) अजमेर - खडमोर

25)  अलवर - सांभर

 26) बांसवाड़ा - जल पीपी

27)  बारां - मगर 

28) बाड़मेर - मरू लोमड़ी 

29) भीलवाड़ा - मोर

30)  बूंदी -  सुर्खीब 

31) बीकानेर - भट्ट् तीतर

32) जालौर - भालू 

33) भरतपुर - सारस 

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