1.गोगाजी :-
• जन्म - भाद्रपद कृष्ण नवमी , ददरेवा (चुरू )
• पिता - जेवर
•माता - बाछल
•पत्नी - केलम दे
•ससुर - बुडोजी , कोलू मंड के
• सांपों के देवता
• राजस्थान के पंच पीर में शामिल
• गोगा जी का जन्म ददरेवा चुरू में हुआ था
•इन की समाधि गोगामेडी नोहर हनुमानगढ़ में स्थित है ।
• राजस्थान में किसान वर्षा के बाद गोगाजी के नाम की गोगा राखड़ी हल, राखी दोनों बांधते हैं।
• गोगाजी की ओल्डी - सांचौर , जालौर
•गोगाजी के भोपे डेरु वाद्य यंत्र का प्रयोग करते हैं
•गोगाजी की पूजा खेजड़ी के वृक्ष के नीचे होती है इसलिए कहा जाता है कि "गांव गांव खेजड़ी ,गांव गांव गोगाजी "
• गोगाजी को मोहम्मद गजनवी ने जाहर पीर अर्थात साक्षात देवता का है |
• गोगामेडी में भाद्रपद माह में पूजा हिंदुओं द्वारा की जाती है तथा अन्य महीनों में वहां पूजा मुस्लिम द्वारा की जाती है ।
• गोगामेडी का निर्माण फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था
• वर्तमान में गोगामेडी का निर्माण गंगा सिंह के द्वारा करवाया गया है
• गोगामेडी के द्वार पर बिस्मिल्लाह अंकित है।
•ददेरवा को शीर्षमेडी तथा गोगामेडी को धुरमेडी जाता है |
