राजस्थान का एकीकरण नोट्स एवम् Pdf
राजस्थान एकीकरण से पहले की स्थिति
• राजस्थान में एकीकरण का सर्वप्रथम प्रयास मेवाड़ के महाराजा भूपाल सिंह ने 25 से 26 जून 1946 को राजस्थान यूनियन बनाने के उद्देश्य से राजस्थान , गुजरात और मालवा के राजाओं का एक सम्मेलन उदयपुर में बुलाया।
• राजस्थान में 19 रियासत, 3 ठिकाने तथा 1 अग्रेज शासित प्रदेश था ।
• रियासते - जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, बूंदी, कोटा, अलवर ,भरतपुर, धौलपुर ,डूंगरपुर , प्रतापगढ़ बांसवाड़ा , झालावाड़, करौली , शाहपुरा , सिरोही, टोंक , जैसलमेर ,किशनगढ़ ।
• ठिकाने - कुशलगढ़ (बांसवाड़ा में) , नीमराना (अलवर में) , लावा (टोंक) ।
• अग्रेज शासित प्रदेश - अजमेर - मेरवाड़ा ।
रियासत विभाग
• स्थापना - 5 जुलाई 1947
• अध्यक्ष - सरदार पटेल
• सचिव - वी.पी. मेनन
• रियासती विभाग के अनुसार वही रियासत स्वतंत्र रहेंगी, जिसकी जनसंख्या 10 लाख तथा 1 करोड़ वार्षिक आय हो ।
• इसके अंतर्गत राजस्थान की 4 रियासते अपना स्वतंत्र अस्तित्व रख सकती थी -
1. जयपुर ।
2. जोधपुर ।
3. उदयपुर ।
4. बीकानेर ।
चरण 1 - मत्स्य संघ - 18 मार्च 1948
• रियासते - अलवर , भरतपुर , धौलपुर , करौली + नीमराणा ठिकाना ।
• राजधानी - अलवर ।
• k.m. मुंशी के सुझाव पर मत्स्य संघ नाम रखा गया ।
• उद्घाटन - नारायण विष्णु हरि गाडगील ने भरतपुर के किले में किया।
• राजप्रमुख - उदय भान सिंह ( धौलपुर महाराजा )
• उप राज्य प्रमुख - गणेश पाल ( करौली )
• प्रधानमंत्री - शोभाराम कुमावत ( अलवर )
• उपप्रधानमंत्री - पंडित युगल किशोर चतुर्वेदी ।
• क्षेत्रफल - 12000 वर्ग किलोमीटर ।
• आय - 1 करोड़ 84 लाख ।
चरण - 2 राजस्थान संघ - 25 मार्च 1948
• रियासते - कोटा , बूंदी , झालावाड़ , डूंगरपुर , प्रतापगढ़ , बांसवाड़ा , किशनगढ़ , शाहपुरा , टोंक तथा किशनगढ़ ठिकाना ।
• राजधानी - कोटा ।
• उद्घाटन - नारायण विष्णु हरि गाडगील ने ।
• राजप्रमुख - महाराव भीमसिंह द्वितीय ( कोटा )
• उपराजप्रमुख - बहादुर सिंह ( बूंदी )
• प्रधानमंत्री - गोकुल लाल असावा ।
• बांसवाड़ा के महारावल चन्द्रवीर सिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर करने समय कहा था कि - मैं अपने डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर रहा हूं ।
चरण - 3 संयुक्त राजस्थान - 18 अप्रैल 1948
• रियासते - राजस्थान संघ + उदयपुर ।
• राजधानी - उदयपुर
• उद्घाटन - जवाहर लाल नेहरू ( कोटा में )
• राज्यप्रमुख - महाराणा भूपाल सिंह ( उदयपुर )
• उपराजप्रमुख - महाराजा भीम सिंह ( कोटा )
• प्रधानमंत्री - माणिक्य लाल वर्मा ( उदयपुर)
• महाराणा भोपाल सिंह द्वारा 20 लाख रुपए वार्षिक प्रिवीपर्स की मांग की गई थी ।
• राजस्थान का मंत्रिमंडल का केवल 11 माह तक रहा था ।
चरण - 4 वृहत राजस्थान - 30 मार्च 1949
• रियासते - जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर + संयुक्त राजस्थान ।
• राजधानी - जयपुर
• राजप्रमुख - सवाई मानसिंह द्वितीय ( जयपुर )
• महाराजप्रमुख - महाराणा भूपाल सिंह ( उदयपुर )
• प्रधानमंत्री - हीरालाल शास्त्री ( जयपुर) ।
पी. सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर -
• जयपुर - राजस्थान की राजधानी ।
• जोधपुर - हाई कोर्ट ।
• बीकानेर - शिक्षा विभाग ।
• उदयपुर - खनिज और कस्टम एवं एक्साइज विभाग ।
• कोटा - वन और सरकारी विभाग ।
• भरतपुर - कृषि विभाग ।
• 30 मार्च को राजस्थान दिवस के रूप में मनाए जाने का निर्णय लिया गया ।
चरण - 5 संयुक्त राज्य वृहत राजस्थान - 15 मई 1949
• शामिल - वृहत राजस्थान + मत्स्य संघ ( 1चरण +4 चरण = 5
• शंकरराव देव समिति की सिफारिश से मत्स्य संघ को वृहत राजस्थान में सम्मिलित किया गया था।
• प्रधानमंत्री के पद के स्थान पर मुख्यमंत्री पद का सृजन किया गया था ।
• पहले मुख्यमंत्री - हीरालाल शास्त्री ( मनोनीत)
• राजप्रमुख - मानसिंह द्वितीय ( जयपुर) ।
• राजधानी - जयपुर ।
चरण 6 - राजस्थान संघ - 26 जनवरी 1950
• शामिल - संयुक्त राज्य वृहत राजस्थान ( 5) + सिरोही ( आबू एवम् देलवाड़ा को छोड़कर)
• मुख्यमंत्री - हीरालाल शास्त्री ( मनोनीत)
• राजप्रमुख - मानसिंह द्वितीय ( जयपुर) ।
• राजधानी - जयपुर ।
चरण 7 - राजस्थान - 1 नवंबर 1956
• शामिल - राजस्थान संघ (6) + आबू व देलवाड़ा तहसील + अजमेर - मेरवाड़ा + सुनेल टप्पा ।
• मध्यप्रदेश का सुनेलटप्पा गाँव कोटा में मिलाया गया व झालावाड़ का सिरोज गाँव मध्यप्रदेश को दिया गया ।
• राज्य पुनर्गठन आयोग 1953 के अध्यक्ष फ़ज़ल अली की सिफारिशों के आधार पर यह किया गया था ।
• मुख्यमंत्री - मोहनलाल सुखाडिया ।
• 7वे संविधान संशोधन 1956 द्वारा राजप्रमुख पद समाप्त कर दिया गया था । राजप्रमुख की जगह राज्यपाल पद बनाया।
• पहले राजस्थान राज्यपाल - गुरुमुख निहाल सिंह।
• राजधानी - जयपुर ।
• राजस्थान स्थापना दिवस 1 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन वर्तमान राजस्थान का एकीकरण की प्रक्रिया पूर्ण हुई थी ।
महत्वपूर्ण बिंदु -
• राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 प्रारंभ होकर 1 नवंबर 1956 को पूरा हुआ था जिसमें 8 वर्ष 7 माह 14 दिन का समय लगा ।
• राजस्थान का एकीकरण कुल 7 चरणों में हुआ ।
| चरण | नाम | रियासते | समय |
|---|---|---|---|
| 1 | मत्स्य संघ | अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली | 18 मार्च 1948 |
| 2 | राजस्थान संघ | बांसवाड़ा, बून्दी, ड़ुगरपर, झालावाड़, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टोंक । | 25 मार्च 1948 |
| 3 | संयुक्त राज्य राजस्थान | राजस्थान संघ + उदयपुर | 18 अप्रैल 1948 |
| 4 | वृहत राजस्थान | संयुक्त राजस्थान + बीकानेर, जयपुर, जैसलमेर, जोधपुर । | 30 मार्च 1949 |
| 5 | संयुक्त राज्य वृहत राजस्थान | 4 + 1 को एक | 15 मई 1949 |
| 6 | संयुक्त राजस्थान | 5 + सिरोही का विलय | 26 जनवरी 1950 |
| 7 | राजस्थान | ग श्रेणी का अजमेर राज्य, आबूरोड तालुका, सिरोही रियासत का पूर्व में मुंबई राज्य में मिला हिस्सा, मध्य भारत का सुलेम टप्पा - संयुक्त राजस्थान से | 01 नवंबर 1950 |
• विलय पत्र पर सर्वप्रथम हस्ताक्षर बीकानेर के सार्दुलसिंह ने एवं सबसे अंत मे धौलपुर के उदयभान सिंह ने किया था ।
• जयपुर व जैसलमेर रियासत ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग नही लिया था।
• आजादी से पहले अजमेर की स्वयं की विधानसभा थी । अजमेर - मेरवाड़ा C श्रेणी का राज्य था तथा हरिभाऊ उपाध्याय अजमेर के मुख्यमंत्री थे।
• 29 फरवरी 1952 को राजस्थान में पहली विधानसभा का गठन किया गया था, उसमें कुल 160 सदस्य थे ।
• उस समय राजस्थान में 25 जिले बनाए गए थे तथा इनको 5 सम्भागो ( जोधपुर , जयपुर , बीकानेर , उदयपुर , और कोटा ) में बांट गया था।
राजस्थान में नये जिलो का गठन
• 26 वाँ अजमेर - 26 नवम्बर 1956
• 27 वाँ धौलपुर - 12 जुलाई 1982
• 28 वाँ बाराँ - 10 अप्रैल 1991
• 29 वाँ दौसा - 10 अप्रैल 1991
• 30 वाँ राजसमन्द - 10 अप्रैल 1991
• 31 वाँ हनुमानगढ़ - 19 जुलाई 1994
• 32 वाँ करौली - 15 अप्रैल 1997
• 33 वाँ प्रतापगढ़ - 26 जनवरी 2008
• मोहनलाल सुखाडिया की सरकार ने 1962 में सम्भागीय व्यवस्था पर रोक लगा दी थी ।
• हरि देव जोशी की सरकार ने 1987 में राजस्थान को 6 सम्भागो में विभाजित कर वापस से सम्भागीय व्यवस्था को लागू किया था । वे 6 सम्भाग - जोधपुर , जयपुर , उदयपुर , बीकानेर , कोटा , अजमेर थे ।
• 4 जून 2005 को भरतपुर को 7 वाॅ सम्भाग बनाया गया था जिसमें जयपुर सम्भाग से भरतपुर और धौलपुर तथा कोटा संभाग से करौली और सवाई माधोपुर जिले शामिल किए गए थे।
राजस्थान के एकीकरण के समय रियासती शासकों के नाम की List -
| रियासत | शासक | |
|---|---|---|
| 1 | जोधपुर ( मारवाड़) | हनुवंत सिंह |
| 2 | जयपुर | सवाई मानसिंह द्वितीय |
| 3 | बीकानेर | शार्दूल सिंह |
| 4 | मेवाड़ | भूपाल सिंह |
| 5 | बांसवाड़ा | चन्द्रभान सिंह |
| 6 | अलवर | तेजसिंह |
| 7 | करौली | गणेश पाल |
| 8 | धौलपुर | उदयभान सिंह |
| 9 | टोंक | सादर अली खां |
| 10 | भरतपुर | बृजेश सिंह |
| 11 | जैसलमेर | जवाहर सिंह |
| 12 | कोटा | भीम सिंह द्वितीय |
| 13 | प्रतापगढ़ | राम सिंह |
| 14 | बूंदी | बहादुर सिंह |
| 15 | सिरोही | अभय सिंह |
| 16 | झालावाड़ | हरिश चन्द्र |
| 17 | शाहपुरा | सुदर्शन देव |
| 18 | किशनगढ़ | सुमेर सिंह |
| 19 | डुंगरपुर | लक्ष्मण |
रियासतो की अन्य विशेष तथ्य -
(1) क्षेत्रफल के आधार पर रियासते
• सबसे छोटी - शाहपुरा ।
• सबसे बड़ी - जोधपुर ।
(2) जनसंख्या के आधार पर
• सबसे छोटी - जयपुर ।
• सबसे बड़ी - शाहपुरा ।
(3) जाट रियासत - भरतपुर और धौलपुर ।
(4) अंग्रेजों द्वारा निर्मित रियासत - झालावाड़ ।
(5) सबसे प्राचीन रियासत - मेवाड़ ।
(6) एकीकरण में सबसे बाद ( लास्ट ) में शामिल होने वाली रियासत - सिरोही ।
(7) वह रियासत जिसका एकीकरण दो चरणों में हुआ था - सिरोही ।
(8) मुस्लिम रियासत - टोंक ।
हमें उम्मीद है कि राजस्थान का एकीकरण नोट्स एवम् पीडीएफ आपके लिए उपयोगी साबित होगी ।
